कोरबा : पसान वन परिक्षेत्र में ठेकेदारों का तांडव, केबल लाइन की आड़ में हरा सोना बर्बाद, इमारती पौधे उखाड़े – विभाग बना मूकदर्शक

अधिकारी का अल्टीमेटम बना दिखावा, विभागीय कार्यवाही पर उठे सवाल, हकीकत मे न जेसीबी जप्त न ठेकेदार पर कोई कार्यवाही…?
कोरबा (पसान) : जिला कोरबा के वनमण्डल कटघोरा के वन परिक्षेत्र पसान में एयरटेल केबल लाइन बिछाने में सैंकड़ो ईमारती पेड़ पौधा नष्ट किए जा रहे थे। वही वन विभाग के अधिकारी मूक दर्शक बने हुए जंगल उजड़ने का तमाशा देख रहे थे, इस खेल को स्थानीय पत्रकारों ने प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर के बाद ठेकेदार मशीन को क्षेत्र से हटाकर काम बंद कर दिया है।
दरअसल, मोबाइल कंपनियों के लिए पसान परिक्षेत्र के एयरटेल कंपनी द्वारा बैरा, लैंगा, तनेरा, जलके, रानीअटारी व विजयवेस्ट क्षेत्रों में की जा रही थी। इस मामले मे एक विभागीय ड्यूटी रेंजर भी इस बात को मना की बिना वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र और बिना विभागीय अनुमति के जंगल की नाजुक मिट्टी में जेसीबी मशीन से अवैध रूप से केबल बिछाई जा रही है। पसान वन क्षेत्र की जंगलों में केबल लाइन डाली जा रही है। कंपनी द्वारा यह कार्य ठेकेदारों के माध्यम से कराया जा रहा है। जिसमें सड़क ठेकेदार द्वारा जेसीबी मशीन से सड़क किनारे खुदाई का काम करने के साथ-साथ पेड़ पौधों को नष्ट किया जा रहा था कंपनी द्वारा लाइन डालने की सैद्धांतिक स्वीकृति की आड़ में वन विभाग से लेकर सड़क किनारे लगे जंगल के पेड़ों को जड़ मूल से नष्ट किया जा रहा है। उसके उपर मिट्टी डाली जा रही है। जिससे भविष्य में यह पौधे दोबारा नहीं उग सकेंगे। इसके अलावा खुदाई के दौरान बड़े-बड़े पेड़ों की जड़ों को भी छतिग्रस्त किया जा रहा है। दूसरी ओर सड़क किनारे कई जगह खुदाई के दौरान गहरे गड्ढे खोद दिए गए हैं। जिससे सड़क हादसों का खतरा बना रहता है। गौरतलब है कि वन संरक्षण अधिनियम के तहत कोई भी पेड़ पौधों को नष्ट नहीं किया जा सकता। लेकिन यहां कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी ।रेंजर पसान ने माना था की केबल की खुदाई से पेड़ पौधों को हानि होती है लिखित सूचना फील्ड के कर्मचारियों ने नहीं दी है। यदि केबल लाइन खुदाई से वन भूमि जंगल के पेड़ों को हानि हुई है तो डिप्टी रेंजर को काम बंद करवाना था। नहीं मानते तो मशीन जब्त करने की कार्रवाई होना चाहिए था। पर यह बातें पसान परिक्षेत्र अधिकारी के सिर्फ जुमले है , साहब के बिना मर्जी के जंगल में मशीन चल ही नही सकता यह पूरा मामला मलाई मिठाई का हैं।
अधिकारी का अल्टीमेटम बना दिखावा, विभागीय कार्यवाही पर उठे सवाल :-
“सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, खबर प्रकाशन के बाद वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा ठेकेदार की जेसीबी मशीन जप्त करने की बात कही गई थी। लेकिन हकीकत में न तो जेसीबी जप्त की गई और न ही कंपनी ठेकेदार पर किसी प्रकार की कार्यवाही की गई। जिससे विभागीय कार्यवाही पर सवाल उठने लगे हैं और स्थानीय लोगों में नाराजगी का माहौल बना हुआ है।”





